सेवा ही परमो धर्म :

 

अभ्यास प्रश्न (Exercise Questions)

१. अधोलिखित नाम प्रश्न नाम एक पदेन पदन वा उत्तराणि लिखंतु। (निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक या दो पदों में लिखिए।)

• (क) कः प्रसिद्ध चिकित्सक आसीत? (कौन प्रसिद्ध चिकित्सक था?)

    ◦ उत्तर: नागार्जुनः

• (ख) अन्यनः दिवसे को आगतो? (दूसरे दिन कौन आया?) / अन्यस्मिन् दिवसे कौ आगतौ? (दूसरे दिन कौन दोनों आये?)

    ◦ उत्तर: युवक / द्वौ युवकौ (दोनों युवक)

• (ग) कः खिन्नः आसीत्? (कौन दुखी था?)

    ◦ उत्तर: द्वितीयः युवकः (दूसरा युवक)

• (घ) रुगणस्य परिस्थिति कथम आसीत? (रोगी की परिस्थिति कैसी थी?) / रुग्णस्य परिस्थितिः कथम् आसीत्?

    ◦ उत्तर: सोचनिया (शोचनीय)

• (ङ) नागार्जुनः सहायक रूपेण कम चित्वान? (नागार्जुन ने सहायक के रूप में किसे चुना?) / नागार्जुनः सहायकरूपेण कं चितवान्?

    ◦ उत्तर: द्वितीयम् युवकम (दूसरे युवक को) / द्वितीयम्

• (च) काम विना चिकित्सका ना भवती? (किसके बिना चिकित्सक नहीं बन सकते?) / कां विना चिकित्सकः न भवति?

    ◦ उत्तर: सेवा भावना (सेवा की भावना के बिना)

• (छ) नागार्जुनः युवको केन मार्गण गंतुम सूचितमान? (नागार्जुन ने युवकों को किस मार्ग से जाने के लिए कहा?) / नागार्जुनः युवकौ केन मार्गेण गन्तुं सूचितवान्?

    ◦ उत्तर: राजमार्गण (राजमार्ग से)

२. अधोलिखित नाम प्रश्न नाम पूर्ण वाक्यन उत्तरम लिखंतु। (निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पूरे वाक्य में लिखिए।)

• (क) अहो रात्रम नागार्जुनम नागार्जुनः पुत्र कार्यम करोति सम? (रात-दिन नागार्जुन कहाँ कार्य करता रहता था?) / अहोरात्रं नागार्जुनः कुत्र कार्यं करोति स्म?

    ◦ उत्तर: अहो रात्रम नागार्जुनः प्रयोगशालायाम कार्य करोति सम। (रात-दिन नागार्जुन प्रयोगशाला में कार्य करता रहता था।)

• (ख) नागार्जुन महाराजम किम निवेदितवान? (नागार्जुन ने महाराज से क्या निवेदन किया?) / नागार्जुन: महाराजं किं निवेदितवान्?

    ◦ उत्तर: नागार्जुनः महाराजं निवेदितवान् यत मम चिकित्सा कार्याय एक सहायक आवश्यक अस्ति। (नागार्जुन ने महाराज से निवेदन किया कि मेरे चिकित्सा कार्य के लिए एक सहायक की आवश्यकता है।)

• (ग) प्रथम युवक प्रथम युवक कथम कार्यम कतान? (पहले युवक ने कार्य कैसे किया?) / प्रथमः युवकः कथं कार्यं कृतवान्?

    ◦ उत्तर: प्रथम युवक स्वाग्रहे समस्या परित परित्यज रसायनम निर्मितवान। (पहले युवक ने अपने घर की समस्या को त्याग कर रसायन बनाया।) / प्रथमः युवकः स्वनिष्ठां दर्शयितुं स्वगृहस्य समस्याः वर्णितवान्– “पितुः उदरवेदना, मातुः ज्वरः च आसीत्। तथापि अहं सर्वं परित्यज्य औषधं निर्मितवान्” इति उक्त्वा नागार्जुनाय रसायनं दत्तवान्। (पहले युवक ने अपनी निष्ठा दिखाने के लिए अपने घर की समस्याओं का वर्णन किया - "पिता को पेट दर्द था, माता को बुखार था। फिर भी मैंने वह सब छोड़कर औषधि बनाई" ऐसा कहकर नागार्जुन को रसायन दिया।)

• (घ) द्वितीय युवक राजमार्ग रोगणम दृष्ट्वा किम कृतवान? (दूसरे युवक ने राजमार्ग में रोगी को देखकर क्या किया?) / द्वितीयः युवक: राजमार्गे रोगिणं दृष्ट्वा किं कृतवान्?

    ◦ उत्तर: द्वितीय युवक तम रोगणम स्वाग्रहम नितवान तस्य सेवा कृतवान च। (दूसरे युवक ने उस रोगी को अपने घर ले आया और उसकी सेवा की।) / द्वितीयः युवकः राजमार्गे रोगिणं दृष्ट्वा तं स्वगृहं नीतवान् | दिनद्वयस्य तस्य एव सेवायां निरतः आसीत्। (दूसरे युवक ने राजमार्ग में रोगी को देखकर उसे अपने घर ले आया। वह दो दिनों तक उसकी सेवा में लगा रहा।)

• (ङ) सेवाया भावनाम बिना किम ना भवेत? (सेवा की भावना के बिना क्या नहीं हो सकता?) / सेवायाः भावनां विना किं न भवेत्?

    ◦ उत्तर: सेवाया भावना बिना चिकित्सक ना भवेत। (सेवा की भावना के बिना चिकित्सक नहीं हो सकता।)

३. उदाहरणानुसारम् अधोलिखित नाम पदा नाम स्त्रीलिंग रूपाण लिखंतु। (उदाहरण के अनुसार निम्नलिखित पदों के स्त्रीलिंग रूप लिखिए।)

पठितवान्

    ◦ पठितवती (एकवचन)

    ◦ पठितवत्यः (बहुवचन)

गतवान्

    ◦ गतवती (एकवचन)

    ◦ गतवत्यः (बहुवचन)

लिखितवान्

    ◦ लिखितवती (एकवचन)

    ◦ लिखितवत्यः (बहुवचन)

खादितवान्

    ◦ खादितवती (एकवचन)

    ◦ खादितवत्यः (बहुवचन)

क्रीड़ितवान्

    ◦ क्रीड़ितवती (एकवचन)

    ◦ क्रीड़ितवत्यः (बहुवचन)

हसितवान्

    ◦ हसितवती (एकवचन)

    ◦ हसितवत्यः (बहुवचन)

निवेदितवान्

    ◦ निवेदितवती (एकवचन)

    ◦ निवेदितवत्यः (बहुवचन)

सूचितवान्

    ◦ सूचितवती (एकवचन)

    ◦ सूचितवत्यः (बहुवचन)

४. उदाहरणानुसारम् अधोलिखित नाम पदाना पुल्लिंग रूपाण लिखंतु। (उदाहरण के अनुसार निम्नलिखित पदों के पुल्लिंग रूप लिखिए।)

पठितवती

    ◦ पठितवान् (एकवचन)

    ◦ पठितवंतः (बहुवचन)

कृतवती

    ◦ कृतवान् (एकवचन)

    ◦ कृतवंतः (बहुवचन)

दृष्टवती

    ◦ दृष्टवान् (एकवचन)

    ◦ दृष्टवंतः (बहुवचन)

दत्तवती

    ◦ दत्तवान् (एकवचन)

    ◦ दत्तवंतः (बहुवचन)

प्रक्षालितवती

    ◦ प्रक्षालितवान् (एकवचन)

    ◦ प्रक्षालितवंतः (बहुवचन)

धावितवती

    ◦ धावितवान् (एकवचन)

    ◦ धावितवंतः (बहुवचन)

५. उदाहरणानुसारं व्याख्यानी परिवर्त परिवर्तंतु। (उदाहरण के अनुसार वाक्य को परिवर्तित कीजिए।)

यथा- पिता कषायं पिबति। पिता कषायं पीतवान्।

अहं पुस्तकं नयामि। अहं पुस्तकं नीतवान् / नीतवती।

• (क) युवक आपम गच्छति।

    ◦ उत्तर: युवकः आपणं गतवान्।

• (ख) सह रोटिका खादति।

    ◦ उत्तर: सः रोटिकां खादितवान्।

• (ग) महिला वस्त्रम ददाति।

    ◦ उत्तर: महिला वस्त्रं दत्तवती।

• (घ) बालक द्विच कृकातः पतति।

    ◦ उत्तर: बालकः द्विचक्रिकातः पतितवान्।

• (ङ) पितामह चल चित्रम पश्यति।

    ◦ उत्तर: पितामही चलचित्रं दृष्टवती।

• (च) अहम ग्रह पाठम लिखामि।

    ◦ उत्तर: अहं गृहपाठं लिखितवान्/लिखितवती।

• (छ) त्वम पुत्र गच्छि।

    ◦ उत्तर: त्वं कुत्र गतवान् / गतवती?

• (ज) अश्वः वने धावंती।

    ◦ उत्तर: अश्वाः वने धावितवन्तः।

• (झ) बालिका शीघ्रम आगच्छती।

    ◦ उत्तर: बालिकाः शीघ्रम आगतवत्यः।

• (ञ) वयं समुद्र तीरे पयोहम खादामः।

    ◦ उत्तर: वयं समुद्रतीरे पयोहिमं खादितवन्तः।

६. अनुच्छेद कोष्टकेशु केचन धात्व दत्ता संती। उपरी दत्तम अवधेयांशम पठितवा सम इति अव्यय पदम उपयुक्त अनुच्छेदम पुनः लिखंतु। (अनुच्छेद में कोष्ठकों में कुछ धातुएँ दी गई हैं। ऊपर दिए हुए अवधेयांश को पढ़कर ‘स्म’ अव्ययपद को जोड़कर अनुच्छेद पुनः लिखिए।)

शीर्षक: कृषकः / सर्वेषां पोषकः कृषकः

कृषकः प्रतिदिनं कृषिक्षेत्रं गच्छति स्म। जलसेचनं करोति स्म। कीटानां निवारणार्थं जैवौषधं स्थापयति स्म। सः कृषिकार्यं सम्यक् जानाति स्म। अतः अन्ये कृषकाः संशयेन पृच्छन्ति स्म। सः स्वाभिमानेन जीवति स्म। अतः ‘अहं कृषकः भूमिपुत्रः’ इति साभिमानं वदति स्म। सः क्षेत्रे गोमयं योजयति स्म, न तु कृतकान् पदार्थान्। अतः व्रीहेः गुणवत्ता अधिका भवति स्म। जनाः जालपुटमाध्यमेन तस्य तण्डुलं क्रीणाति स्म। एवं तस्य परिवारस्य सर्वे जनाः कृषिकार्येण ससुखं जीवन्ति स्म। सः सर्वान् वदति स्मकृषकः न दीनः न च दरिद्रः, परं सर्वेषां पोषकः” इति।

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NCERT Class 7 Sanskrit Chapter 5 Extra Questions and Answers सेवा हि परमो धर्मः

प्रश्न 1. अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत। (निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए।)

(क) गद्यांश: नागार्जुनः प्रसिद्धः रसायनशास्त्रज्ञः चिकित्सकः च आसीत्। ... गमनसमये राजमार्गेण गच्छताम् इत्यपि सूचितवान्। दिनद्वयानन्तरं नागार्जुनस्य समीपे प्रथमः युवकः आगतवान्। ... इति उक्त्वा नागार्जुनाय रसायनं दत्तवान्।

I. एकपदेन उत्तरत। (एक पद में उत्तर दीजिए।)

• (i) चिकित्सकः कः आसीत्? (चिकित्सक कौन था?)

    ◦ उत्तर: नागार्जुनः

• (ii) सः कदा प्रयोगालायां कार्यं करोति स्म? (वह कब प्रयोगशाला में कार्य करता था?)

    ◦ उत्तर: अहोरात्रं (दिन-रात)

• (iii) द्वौ कौ आगतवन्तौ? (वे दोनों कौन आए थे?)

    ◦ उत्तर: युवकौ (दो युवक)

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत। (पूर्ण वाक्य में उत्तर दीजिए।)

• (i) नागार्जुनः युवकौ किं पृष्टवान्? (नागार्जुन ने युवकों से क्या पूछा?)

    ◦ उत्तर: नागार्जुनः द्वयोः विद्याभ्यासविषये पृष्टवान्। (नागार्जुन ने दोनों के विद्याभ्यास के विषय में पूछा।)

• (ii) द्वयोः युवकयोः किं समानः एव आसीत्? (दोनों युवकों का क्या समान था?)

    ◦ उत्तर: द्वयोः युवकयोः विद्याभ्यासविषयः समानः एव आसीत्। (दोनों युवकों का विद्याभ्यास का विषय समान ही था।)

III. भाषिककार्यम्। (भाषा कार्य।)

• (i) ‘अहः च रात्रिः च’ इति अर्थे किं समानपदं प्रयुक्तम्? (दिन और रात इस अर्थ में कौन सा समान पद प्रयुक्त हुआ है?)

    ◦ (क) अहोरात्रं (ख) अहोरात्रे: (ग) अर्हरात्रि:

    ◦ उत्तर: (क) अहोरात्रं

• (ii) ‘अपृच्छत्’ इति अर्थे किं समानपदं प्रयुक्तम्? (पूछा इस अर्थ में कौन सा समान पद प्रयुक्त हुआ है?)

    ◦ (क) वर्णितवान् (ख) दत्तवान् (ग) पृष्टवान्

    ◦ उत्तर: (ग) पृष्टवान्

• (iii) ‘त्यक्त्वा’ इति अर्थे किं पर्यायपदं अत्र प्रयुक्तम्? (त्यागकर इस अर्थ में कौन सा पर्यायवाची पद यहाँ प्रयुक्त हुआ है?)

    ◦ (क) परित्यज्य (ख) व्यवस्था (ग) चिकित्सा

    ◦ उत्तर: (क) परित्यज्य

• (iv) “एकदा सः महाराजं निवेदितवान्” अत्र क्रियापदं किं प्रयुक्तम्? (एक बार उसने महाराज को निवेदन किया, यहाँ क्रियापद क्या प्रयुक्त हुआ है?)

    ◦ (क) एकदा (ख) सः (ग) निवेदितवान्

    ◦ उत्तर: (ग) निवेदितवान्

(ख) गद्यांश: तदभ्यन्तरे द्वितीयः युवकः अपि आगतवान्। सः खिन्नः आसीत्। ... रसायननिर्माणार्थं समयम् एव न प्राप्तवान् इति। तदनन्तरं नागार्जुनः द्वितीयं युवकं सहायकत्वेन स्वीकृतवान्। ... अतः अहं द्वितीयस्य चयनं कृतवान् इति।

I. एकपदेन उत्तरत। (एक पद में उत्तर दीजिए।)

• (i) द्वितीयः युवकः कीदृशः आसीत्? (दूसरा युवक कैसा था?)

    ◦ उत्तर: खिन्नः (दुखी)

• (ii) राजा वृत्तान्तं श्रुत्वा किं प्रकटितवान्? (राजा ने वृत्तांत सुनकर क्या प्रकट किया?)

    ◦ उत्तर: आश्चर्यम् (आश्चर्य)

II. पूर्णवाक्येन उत्तरत। (पूर्ण वाक्य में उत्तर दीजिए।)

• (i) द्वितीयः युवकः राजमार्गे कं दृष्टवान्? (दूसरे युवक ने राजमार्ग में किसे देखा?)

    ◦ उत्तर: द्वितीयः युवकः राजमार्गे कञ्चित् रोगिणं दृष्टवान्। (दूसरे युवक ने राजमार्ग में किसी रोगी को देखा।)

• (ii) नागार्जुनः कं सहायकत्वेन स्वीकृतवान्? (नागार्जुन ने किसे सहायक के रूप में स्वीकार किया?)

    ◦ उत्तर: नागार्जुनः द्वितीयं युवकं सहायकत्वेन स्वीकृतवान्। (नागार्जुन ने दूसरे युवक को सहायक के रूप में स्वीकार किया।)

III. भाषिककार्यम्। (भाषा कार्य।)

• (i) ‘चयनं कृतवान्’ इति अर्थे किं पदं प्रयुक्तम्? (चयन किया इस अर्थ में कौन सा पद प्रयुक्त हुआ है?)

    ◦ (क) चितवान् (ख) आनीतवान् (ग) कृतवान्

    ◦ उत्तर: (क) चितवान्

• (ii) ‘तं रोगिणम्’ अत्र विशेषणं पदं किं प्रयुक्तम्? (उस रोगी को यहाँ विशेषण पद क्या प्रयुक्त हुआ है?)

    ◦ (क) रोगिणम् (ख) तम् (ग) प्राप्तम्

    ◦ उत्तर: (ख) तम्

• (iii) ‘सः यन्त्रवत् कार्यं करोति।’ अत्र कर्तृपदं किम्? (वह यंत्रवत् कार्य करता है। यहाँ कर्तृपद क्या है?)

    ◦ (क) सः (ख) कार्यम् (ग) करोति

    ◦ उत्तर: (क) सः

• (iv) ‘प्रसन्नः’ इति पदस्य विपर्ययपदं किं आगतवान्? (प्रसन्न इस पद का विपरीतार्थक पद क्या आया है?)

    ◦ (क) युवक: (ख) खिन्नः (ग) स्वस्थः

    ◦ उत्तर: (ख) खिन्नः

प्रश्न 2. ‘स्म’ संयुज्य निम्नवाक्यानि पुनर्लिखत। (निम्न वाक्यों को ‘स्म’ लगाकर पुनः लिखिए।)

• (क) अहम् अवदम्।

    ◦ उत्तर: अहं वदामि स्म

• (ख) त्वम् अभ्रमः।

    ◦ उत्तर: त्वं भ्रमसि स्म

• (ग) तौ अचलताम्।

    ◦ उत्तर: तौ चलतः स्म

• (घ) ते अवदन्।

    ◦ उत्तर: ते वदन्ति स्म

• (ङ) छात्रः पाठम् अपठत्।

    ◦ उत्तर: छात्रः पाठं पठति स्म

• (च) सः पाठं विस्मरत्।

    ◦ उत्तर: सः पाठं विस्मरति स्म

प्रश्न 3. रेखांकितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माण कुरुत। (रेखांकित पदों के आधार पर प्रश्न निर्माण कीजिए।)

• (क) नागार्जुनः प्रसिद्ध: चिकित्सकः आसीत्।

    ◦ उत्तर: कः प्रसिद्ध: चिकित्सकः आसीत्?

• (ख) नागार्जुनः अहोरात्रं कार्यं करोति स्म।

    ◦ उत्तर: नागार्जुनः कदा कार्यं करोति स्म?

• (ग) अन्यस्मिन् दिने द्वौ युवकौ आगतवन्तौ।

    ◦ उत्तर: अन्यस्मिन् दिने कति युवकौ आगतवन्तौ?

• (घ) युवक: स्वनिष्ठां दर्शयितुं स्वगृहस्य समस्याः वर्णितवान्।

    ◦ उत्तर: युवक: कां दर्शयितुं स्वगृहस्य समस्याः वर्णितवान्?

• (ङ) द्वितीयः युवकः खिन्नः आसीत्।

    ◦ उत्तर: द्वितीयः युवकः कीदृशः आसीत्?

• (च) रोगिणः परिस्थितिः शोचनीया आसीत्।

    ◦ उत्तर: रोगिणः परिस्थितिः कीदृशी आसीत्?

• (छ) अहं तं रोगिणं पूर्वमेव दृष्टवान्।

    ◦ उत्तर: अहं तं कं पूर्वमेव दृष्टवान्?

प्रश्न 4. निम्नलिखित वाक्यानि उदाहरणानुसारं परिवर्तयन्तु। (निम्नलिखित वाक्यों को उदाहरण के अनुसार बदलिए।)

(इस प्रश्न का उदाहरण स्रोत में नहीं दिया गया है, लेकिन इसके उत्तर में वाक्य परिवर्तन दर्शाया गया है। यह 'क्तवतु' प्रत्यय का प्रयोग करते हुए भूतकाल के वाक्यों में परिवर्तन है।)

• (क) राजा उक्तवान्।

• (ख) द्वौ युवकौ आगतवन्तौ।

• (ग) नागार्जुनः पृष्टवान्।

• (घ) बालकः सूचितवान्।

• (ङ) युवक: रसायनं दत्तवान।

• (च) खिन्नः युवकः उक्तवान्।

• (छ) अहं रोगिणं दृष्टवान्।

प्रश्न 5. कर्तृ-क्रिययोः मेलनं कुरुत। (कर्ता और क्रिया का मिलान कीजिए।)

(इस प्रश्न के लिए, स्रोत में केवल उत्तर में सही मिलान दिए गए हैं, प्रश्न के जोड़े नहीं।)

• (क) – (v)

• (ख) – (vii)

• (ग) – (viii)

• (घ) – (vi)

• (ङ) – (iv)

• (च) – (i)

• (छ) – (iii)

• (ज) – (ii)

• (झ) – (ix)

६. प्रदत्तविकल्पेभ्यः उचितं उत्तरं चित्वा लिखन्तु। (दिए गए विकल्पों से उचित उत्तर चुनकर लिखिए।)

• (क) नागार्जुन: महाराजं निवेदितवान्।

    ◦ (i) नि + विद् + क्तवतु (ii) निवेदित + वान् (iii) नि + विद् + तवान्।

    ◦ उत्तर: (i) नि + विद् + क्तवतु

• (ख) राजा उक्तवान्।

    ◦ (i) उक् + तवान् (ii) वच् + क्तवतु (iii) वच्+ तवान्

    ◦ उत्तर: (ii) वच् + क्तवतु

• (ग) राजा एतद् अङ्गीकृतवान्।

    ◦ (i) अङ्ग + कृ + क्तवतु (ii) अङ्गी + कृ + क्तवतु (iii) अङ्गीकार + तवतु

    ◦ उत्तर: (i) अङ्ग + कृ + क्तवतु

• (घ) द्वौ युवकौ आगतवन्तौ।

    ◦ (i) आ + गम् + क्तवतुं (ii) आगम् + तवतु (iii) आ + गम् + तवन्तौ

    ◦ उत्तर: (i) आ + गम् + क्तवतुं

• (ङ) नागार्जुनः युवकं पृष्टवान्।

    ◦ (i) प्रच्छत् + वान् (ii) प्रच्छ + क्तवतु (iii) पृष्ट + वान्

    ◦ उत्तर: (ii) प्रच्छ + क्तवतु

• (च) औषधं निर्मातुं न शक्तवान्।

    ◦ (i) शक् + क्तवतु (iii) शक् + तवान् (ii) शक्त + वान्

    ◦ उत्तर: (i) शक् + क्तवतु

• (छ) राजमार्गे अहं रोगिणं दृष्टवान्।

    ◦ (i) दृष्ट + वान् (ii) दृश् + क्तवतु (iii) दृश्य + क्तवतु

    ◦ उत्तर: (ii) दृश् + क्तवतु

• (ज) रसायननिर्माणार्थं समयं न प्राप्तवान्।

    ◦ (i) प्र + आप् + क्तवतु (ii) प्रा + आप्त + वान् (iii) प्राप्य + क्तवतु

    ◦ उत्तर: (i) प्र + आप् + क्तवतु

• (झ) भवान् किमर्थं द्वितीयं चितवान्?

    ◦ (i) चि + क्तवतु (ii) ची + क्तवतु (iii) चित + वान्

    ◦ उत्तर: (i) चि + क्तवतु

संस्कृत प्रश्नोत्तर

यहाँ संस्कृत के प्रश्नोत्तर दिए गए हैं, जो आपके द्वारा प्रदान किए गए स्रोतों से संकलित किए गए हैं:

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सेवा हि परमो धर्मः (कक्षा 7 संस्कृत पाठ 5) के प्रश्नोत्तर

१. एकपद या पदद्वय में उत्तर दीजिए (अधोलिखितानां प्रश्नानाम् एकपदेन पदद्वयेन वा उत्तराणि लिखन्तु)

• (क) प्रसिद्ध चिकित्सक कौन था?

    ◦ उत्तर: नागार्जुनः

• (ख) दूसरे दिन कौन आए?

    ◦ उत्तर: युवकौ (दो युवक)

• (ग) कौन दुखी था?

    ◦ उत्तर: द्वितीयः युवक:

• (घ) रोगी की स्थिति कैसी थी?

    ◦ उत्तर: शोचनीया (दयनीय)

• (ङ) नागार्जुन ने सहायक के रूप में किसे चुना?

    ◦ उत्तर: द्वितीयम् युवकम (दूसरे युवक को)

• (च) किसके बिना चिकित्सक नहीं बन सकते?

    ◦ उत्तर: सेवाभावनाम् (सेवा की भावना के बिना)

• (छ) नागार्जुन ने युवकों को किस मार्ग से जाने के लिए कहा?

    ◦ उत्तर: राजमार्गेण (राजमार्ग से)

२. पूर्ण वाक्य में उत्तर दीजिए (अधोलिखितानां प्रश्नानां पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखन्तु)

• (क) नागार्जुन दिन-रात कहाँ काम करते थे?

    ◦ उत्तर: अहोरात्रं नागार्जुनः प्रयोगशालायां कार्यं करोति स्म ।

• (ख) नागार्जुन ने महाराज से क्या निवेदन किया?

    ◦ उत्तर: नागार्जुन: महाराजं निवेदितवान्- “महाराज ! मम चिकित्साकार्याय एक: सहायक: आवश्यक: इति ।

• (ग) पहले युवक ने कार्य कैसे किया?

    ◦ उत्तर: प्रथमः युवकः स्वनिष्ठां दर्शयितुं स्वगृहस्य समस्याः वर्णितवान्– “पितुः उदरवेदना, मातुः ज्वरः च आसीत्। तथापि अहं सर्वं परित्यज्य औषधं निर्मितवान्” इति उक्त्वा नागार्जुनाय रसायनं दत्तवान्।

• (घ) दूसरे युवक ने राजमार्ग में रोगी को देखकर क्या किया?

    ◦ उत्तर: द्वितीयः युवकः राजमार्गे रोगिणं दृष्ट्वा तं स्वगृहं नीतवान् | दिनद्वयस्य तस्य एव सेवायां निरतः आसीत्।

• (ङ) सेवा की भावना के बिना क्या नहीं हो सकता?

    ◦ उत्तर: सेवायाः भावनां विना चिकित्सकः न भवेत्।

३. उदाहरण के अनुसार स्त्रीलिंग रूप लिखिए (उदाहरणानुसारम् अधोलिखितानां पदानां स्त्रीलिङ्ग रूपाणि लिखन्तु)

यह अभ्यास कत्वतु प्रत्यय से संबंधित है, जिसका प्रयोग भूतकाल के लिए होता है। पुल्लिंग एकवचन में 'वान' और स्त्रीलिंग एकवचन में 'वती' तथा बहुवचन में 'वत्यः' का प्रयोग होता है।

उदाहरण: पठितवान्

    ◦ स्त्रीलिंग (एकवचन): पठितवती

    ◦ स्त्रीलिंग (बहुवचन): पठितवत्यः

गतवान्

    ◦ स्त्रीलिंग (एकवचन): गतवती

    ◦ स्त्रीलिंग (बहुवचन): गतवत्यः

लिखितवान्

    ◦ स्त्रीलिंग (एकवचन): लिखितवती

    ◦ स्त्रीलिंग (बहुवचन): लिखितवत्यः

खादितवान्

    ◦ स्त्रीलिंग (एकवचन): खादितवती

    ◦ स्त्रीलिंग (बहुवचन): खादितवत्यः

क्रीड़ितवान्

    ◦ स्त्रीलिंग (एकवचन): क्रीड़ितवती

    ◦ स्त्रीलिंग (बहुवचन): क्रीड़ितवत्यः

हसितवान्

    ◦ स्त्रीलिंग (एकवचन): हसितवती

    ◦ स्त्रीलिंग (बहुवचन): हसितवत्यः

निवेदितवान्

    ◦ स्त्रीलिंग (एकवचन): निवेदितवती

    ◦ स्त्रीलिंग (बहुवचन): निवेदितवत्यः

सूचितवान्

    ◦ स्त्रीलिंग (एकवचन): सूचितवती

    ◦ स्त्रीलिंग (बहुवचन): सूचितवत्यः

४. उदाहरण के अनुसार पुल्लिंग रूप लिखिए (उदाहरणानुसारम् अधोलिखितानां पदानां पुंलिङ्गरूपाणि लिखन्तु)

इस अभ्यास में स्त्रीलिंग से पुल्लिंग में बदलना है। स्त्रीलिंग एकवचन में 'वती' और बहुवचन में 'वत्यः' के स्थान पर पुल्लिंग एकवचन में 'वान' और बहुवचन में 'वंतः' का प्रयोग होता है।

उदाहरण: पठितवती

    ◦ पुल्लिंग (एकवचन): पठितवान्

    ◦ पुल्लिंग (बहुवचन): पठितवंतः

कृतवती

    ◦ पुल्लिंग (एकवचन): कृतवान्

    ◦ पुल्लिंग (बहुवचन): कृतवंतः

दृष्टवती

    ◦ पुल्लिंग (एकवचन): दृष्टवान्

    ◦ पुल्लिंग (बहुवचन): दृष्टवंतः

दतवती

    ◦ पुल्लिंग (एकवचन): दत्तवान्

    ◦ पुल्लिंग (बहुवचन): दतवंतः

प्रक्षालितवती

    ◦ पुल्लिंग (एकवचन): प्रक्षालितवान्

    ◦ पुल्लिंग (बहुवचन): प्रक्षालितवंतः

धावितवती

    ◦ पुल्लिंग (एकवचन): धावितवान्

    ◦ पुल्लिंग (बहुवचन): धावितवंतः

५. उदाहरण के अनुसार वाक्यों को बदलिए (उदाहरणानुसारं वाक्यानि परिवर्तयन्तु)

यह अभ्यास कत्वतु प्रत्यय के प्रयोग पर आधारित है, जहाँ क्रियापद को भूतकाल में परिवर्तित किया जाता है।

उदाहरण:

    ◦ पिता कषायं पिबति । (पिता काढ़ा पीता है) -> पिता कषायं पीतवान् । (पिता ने काढ़ा पिया)

    ◦ अहं पुस्तकं नयामि। (मैं पुस्तक ले जाता हूँ) -> अहं पुस्तकं नीतवान् / नीतवती । (मैं पुस्तक ले गया / ले गई) (यहां लिंग के अनुसार 'नीतवान्' या 'नीतवती' का प्रयोग होगा)

युवकः आपणं गच्छति। (युवक बाज़ार जाता है) -> युवक: आपणं गतवान् ।

सः रोटिकां खादति। (वह रोटी खाता है) -> सः रोटिकां खादितवान्।

महिला वस्त्रं ददाति। (महिला वस्त्र देती है) -> महिला वस्त्रं दत्तवती ।

बालकः द्विचक्रिकातः पतति। (बालक साइकिल से गिरता है) -> बालकः द्विचक्रिकातः पतितवान् ।

पितामही चलचित्रं पश्यति। (दादी चलचित्र देखती है) -> पितामही चलचित्रं दृष्टवती ।

अहं गृहपाठं लिखामि। (मैं गृहकार्य लिखता/लिखती हूँ) -> अहं गृहपाठं लिखितवान्/लिखितवती ।

त्वं कुत्र गच्छसि? (तुम कहाँ जाते/जाती हो?) -> त्वं कुत्र गतवान् / गतवती ?

अश्वाः वने धावन्ति। (घोड़े वन में दौड़ते हैं) -> अश्वाः वने धावितवन्तः ।

बालिकाः शीघ्रम् आगच्छन्ति। (लड़कियाँ जल्दी आती हैं) -> बालिकाः शीघ्रम् आगतवत्यः ।

वयं समुद्रतीरे पयोहिमं खादामः। (हम सब समुद्र तट पर आइसक्रीम खाते हैं) -> वयं समुद्रतीरे पयोहिमं खादितवन्तः / खादितवत्यः । (पुल्लिंग या स्त्रीलिंग के अनुसार)

६. वर्तमानकाल-क्रियापद के साथ ‘स्म’ अव्यय का प्रयोग करके भूतकाल का अर्थ दीजिए (अनुच्छेदं पुनः लिखन्तु)

यदि वर्तमान काल के क्रियापद के साथ 'स्म' अव्यय को जोड़ा जाता है, तो वह भूतकाल का अर्थ देता है।

अनुच्छेद को ‘स्म’ लगाकर पूरा करें:

    ◦ शीर्षक: कृषकः / भूमि पुत्र कृषकः / सर्वेषां पोषकः कृषकः

    ◦ कृषकः प्रतिदिनं कृषिक्षेत्रं गच्छति स्म। जलसेचनं करोति स्म। कीटानां निवारणार्थं जैवौषधं स्थापयति स्म। सः कृषिकार्यं सम्यक् जानाति स्म। अतः अन्ये कृषकाः संशयेन पृच्छन्ति स्म। सः स्वाभिमानेन जीवति स्म। अतः ‘अहं कृषकः भूमिपुत्रः’ इति साभिमानं वदति स्म। सः क्षेत्रे गोमयं योजयति स्म, न तु कृतकान् पदार्थान्। अतः व्रीहेः गुणवत्ता अधिका भवति स्म। जनाः जालपुटमाध्यमेन तस्य तण्डुलं क्रीणन्ति स्म। एवं तस्य परिवारस्य सर्वे जनाः कृषिकार्येण ससुखं जीवन्ति स्म। सः सर्वान् वदति स्मकृषकः न दीनः न च दरिद्रः, परं सर्वेषां पोषकः” इति।

 

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